--- अमेरिका -- भारत -- और -- तिलचट्टा ----
अमेरिका को अपना नुकसान बर्दाश्त नहीं है। अमेरिका को यह भी पसंद नहीं है कि उसकी दादागिरी में कोई दखल डाले ? किसी भी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो - यह अमेरिका को पसंद नहीं है। सामरिक क्षेत्र में उसकी शाख को बट्टा लगे - यह भी उसे बर्दाश्त नहीं? इस व्यवहार में अमेरिका का पक्ष विपक्ष - सबों की राय एक है। दुनियां के देशों को औकात पर लाने के लिए अमेरिका समय-समय पर बेइज्जती भी करने से बाज नहीं आता? जरा ख्याल कीजिए? कैसे हमारे देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी की पगड़ी और वस्त्र उतरवाकर एयरपोर्ट पर जांच किया गया था? यह जांच नहीं था भाई साहब ! यह भारत की प्रतिष्ठा का मान-मर्दन हुआ था?
अमेरिका दूसरे देशों में किसी भी घटना को अंजाम देने के लिए
OPERATION 37 और Deep State का प्रयोग करता है। यह अमेरिका का एक गैर सरकारी संगठन है जिसका कमान अमेरिका के राष्ट्रपति के हाथ में होता है। इसका संचालन अमेरिका का खुफिया विभाग CIA, सेना के विशेषज्ञ, आला अधिकारी, घटनाओं को अंजाम देने वाले ट्रेंड लोग और दुनियां से नफरत करने वाले अमेरिकी पूंजीपति करते हैं। ये सभी योजनाबद्ध तरीके से काम करते हैं। जिस देश को टार्गेट करते हैं पहले उस देश के गद्दारों को चिन्हित करते हैं। उन्हें पैसे देकर अपने पक्ष में करते हैं। फिर उन्हीं गद्दारों के माध्यम से उस देश को अस्थिर करते हैं। इनका पहला टार्गेट रहता है उस देश के कम उम्र के बच्चे? उस देश के क्रिमिनल। उस देश के विपक्षी दल? उस देश के तथाकथित बुद्धिजीवि ! बुद्धिजीवियों और विपक्षी नेताओं का काम होता है देश के खिलाफ माहौल तैयार करना? कुछ मीडिया को तैयार कर झूठी अफवाहों को फैलाना। इस पर अमेरिका पैसा पानी की तरह फेंकता है। इसके लिए यह टार्गेट सेट करता है। काम को अंजाम देने के लिए यह पैसों के साथ साथ हथियार भी मुहैया कराता है। जरूरत पड़ने पर अपने आदमी भी भेजकर घटना को अंजाम देता है।
इसी का प्रयोग कर इसने सोवियत संघ रुस को तोड़ा।
इराक के सद्दाम हुसैन को पकड़ कर फांसी दिया
ईरान के सेनाध्यक्ष और राष्ट्रपति खुमैनी की हत्या करवाई।
ओसामा बिन लादेन को एप्टाबाद पाकिस्तान में मारा ।
नेपाल में GEN G द्वारा हत्या करवाई और तख्तापलट किया।
बांग्लादेश में तख्ता पलट किया ?
अब भारत में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी निशाने पर है ?
भारत में सब कुछ अमेरिका के शर्तों पर कांग्रेस सरकार चल रही थी। भारत में सरकारी अराजकता चरम पर थी। भारत के मूल निवासी हिन्दू हाशिए पर धकेल दिया गया था। हिन्दुओं की संपत्ति धीरे-धीरे बक्ख बोर्ड द्वारा हथियाए जा रहे थे। सरकारी संपत्ति भी मुस्लिम संगठनों के नाम हो रहे थे। देश के संसाधनों पर मुसलमानों का कब्जा हो रहा था। जैसा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह जी ने भी लाल किले से सरेआम कहा था कि देश के संसाधनों पर पहला हक मुसलमानों का है? देश में भ्रष्टाचार चरम पर था। इसलिए 2014 के चुनाव में लोगों ने पूर्ण बहुमत से श्री नरेन्द्र मोदी जी को देश का प्रधानमंत्री बनाया। मोदी जी ने देश को इस दर्द को महसूस किया था और भारत को दल-दल से निकालने के लिए अनेकों प्रभावी कदम उठाए।
मोदी जी ने अमेरिका, चीन, पाकिस्तान से समझौता नहीं किया? बल्कि डटकर सामना किया। कई मौकों पर चीन पाकिस्तान को धूल भी चटाई। जो जगजाहिर है। मोदी जी ने अपने शर्तों पर व्यापार किया और भारत को दल-दल से निकाल कर अर्थव्यवस्था में पांचवें स्थान ला खड़ा किया। विदेश नीति में भारत के मित्र देशों रुस, इजरायल के साथ रिश्ते मजबूत किए। देश बहुमुखी विकास की ओर बढ़ चला। कई देशों से व्यापार डालर की जगह रूपए में शुरू किए जो अमेरिका के लिए किसी सदमे से कम नहीं था? रुस पर अमेरिका द्वारा प्रतिबंध के बावजूद भी भारत ने अपने हितों को देखते हुए दोस्ती कायम रखी। इजरायल जो कभी अमेरिका का लाउडस्पीकर हुआ करता था, भारत का भाई बन गया। सामरिक शक्ति में भारत रूस और इजरायल की मदद से आत्मनिर्भर बना और भारत हथियार बेचने वाला देश बन गया।
दुनियां में अमेरिकी फायटर विमान F 16 और F 35 की धाक थी। लेकिन मोदी जी के प्रयास से स्वदेशी फायटर विमान तेजस ने पाकिस्तान में चार F 16 को मार गिराए तो अमेरिका की बची खुची साख को बट्टा लगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले बहुत कोशिश की कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी अमेरिका के हितों पर काम करे ? लेकिन जब मोदी जी ने देश के खिलाफ कोई समझौता नहीं किया तो अमेरिका मोदी जी को जान से मरवाने के पीछे पड़ गया। उसने नेपाल और बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में तख्तापलट की बात सोची और विपक्षी नेताओं पर अनाप-शनाप पैसे भेजकर देश विरोधी काम करवाने लगे। इसलिए आप प्रायः राहुल गांधी, केजरीवाल, अखिलेश यादव, उद्धव ठाकरे, जैसे तमाम विपक्षी नेताओं को GEN G द्वारा नेपाल और बांग्लादेश की धमकी देते देख रहे हैं।
बता दूं कि कुछ समय पहले पंजाब में ब्रिज पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी को रोक कर हत्या करवाने की ही साजिश थी।
बांग्लादेश में Operation 37 एवं डीप स्टेट द्वारा भेजा गया आदमी इसी कड़ी का हिस्सा था। लेकिन राष्ट्रपति पुतिन की सक्रियता से मोदी जी की जान बची। पुतिन ने प्रोटोकॉल तोड़ते हुए मोदी जी को 4.30 घंटा अपनी गाड़ी में बिठा लिया था। मोदी जी को मारने आए सभी अमेरिकी बांग्लादेश के होटल में मृत पाए गए थे। यानी कि जो मोदी जी को मारने आए थे सभी मारे गए? यह भारत, रुस और इजरायल के साझा खुफिया तंत्र का कमाल था। इस पर भारत आकर मोदी जी ने इशारों में कहा भी था।
अब आइए भारत में वर्तमान में तिलचट्टा अभिजीत दीपके पर।
यह भारतीय मूल का अमेरिका के बोस्टन यूनिवर्सिटी का छात्र है। यह केजरीवाल के लिए काम कर चुका है। इसलिए केजरीवाल ने ही भारत का दुश्मन और डीप स्टेट का फाइनांसर जार्ज सोरेस को सुझाव दिया कि अभिजीत दीपके को इस काम में लगाया जाए? कारण कि राहुल गांधी, केजरीवाल, चन्द्रशेखर रावण आदि देश के लोगों के बीच विश्वसनीय नहीं है। अभिजीत दीपके नया चेहरा है। छात्र कम भी रहेंगे तो पैसे खर्च कर असामाजिक तत्वों को जुटा लेंगे और संसद पर हमला कर तख्तापलट किया जा सकता है। इसी योजना पर 20 तारीख को संसद पर हमला की योजना थी। इसके लिए धरना पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक की बलि देनी थी और माहौल खराब कर सरकार द्वारा छात्रों पर गोलियां चलवानी थी। बस छात्रों को आगे कर सभी सुनियोजित घटना को अंजाम देना था। इसकी सूचना सरकार को मिल चुकी थी। इसलिए सरकार ने बीच में ही शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान जी का इस्तीफा दिलाकर योजना की हवा निकाल दी। गोली चलवाने के लिए ही हिन्दू देवी देवताओं को, भगवान श्री राम को, मां सीता को, सेना को, पुलिस को और मोदी जी को गालियां दी जा रही थी? यह केजरीवाल, राहुल गांधी, चन्द्रशेखर रावण, अखिलेश यादव, अभिजीत दीपके, रांका, दास आदि सभी तिलचट्टों की ही योजना थी कि काल गर्ल, सैलूनों में मर्दों की मालिश करने वाली लड़कियों से गाली गलौज करवाया जाए? कारण कि कोई असली छात्र छात्रा तो गाली गलौज करेगी नहीं? गुण्डों को पुलिस से मारपीट का दायित्व दिया गया था। लेकिन अमित शाह जी की सूझबूझ से अमेरिका का सारा का सारा प्लान धरा का धरा रह गया।
अब हम भारतीयों को सोचना है कि हमें अपने भारतवर्ष का साथ देना है कि देश के इन गद्दारों का? 🫵
विचार अवश्य कीजिएगा।☝️🤔
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